बक्सर, 24 अक्टूबर (विक्रांत) गंगा नदी पर बनने वाले अतिरिक्त तीन लेन के पुल और एनएच-120 के डुमरांव बाईपास निर्माण की राह में भूमि अधिग्रहण की बाधा अब दूर होने की उम्मीद है। जिला समाहर्ता साहिला ने संबंधित रैयतों को 26 अक्टूबर तक मुआवजे के लिए दावा जमा करने का अंतिम अवसर दिया है। तय समयसीमा में दावा नहीं करने वाले रैयतों की मुआवजा राशि और संबंधित अभिलेख राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत व्यवहार न्यायालय, बक्सर में जमा करा दिए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कंपनी को जमीन पर दखल दिलाकर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। दोनों परियोजनाओं के लिए पूर्व में कई बार शिविर लगाए जा चुके हैं। गंगा पुल के लिए 30 और 31 दिसंबर 2025 को कार्यस्थल तथा 25 जुलाई 2026 को समाहरणालय के नए सभागार में शिविर आयोजित हुआ था।

वहीं डुमरांव बाईपास के लिए मार्च 2024, नवंबर 2024 और जनवरी 2026 में शिविर लगाए गए। इसके बावजूद मुआवजा भुगतान लंबित रहने पर राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3एच(4) के तहत राशि न्यायालय में जमा होगी।करीब 368 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 3.2 किलोमीटर लंबा गंगा पुल बक्सर को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के भरौली क्षेत्र से जोड़ेगा। परियोजना का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मुख्य धारा पर 1.2 किलोमीटर का तीन लेन पुल, यूपी छोर पर एलिवेटेड व एट-ग्रेड संपर्क पथ, भरौली में एलिवेटेड रोटरी तथा बक्सर छोर पर एप्रोच रोड बनाया जाएगा। पुल में कुल 40 पिलर होंगे। इसके पूरा होने पर एनएच-922 और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच संपर्क और बेहतर होगा।इधर, करीब 210 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 5.3 किलोमीटर डुमरांव बाईपास की निविदा प्रक्रिया की तैयारी तेज है।

बाईपास में आरा-बक्सर रेलखंड पर करीब एक किलोमीटर लंबा चार लेन आरओबी भी बनेगा। छह अक्टूबर को पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने इसकी जीएडी को मंजूरी दी है। अंतिम स्वीकृति के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।बाईपास बनने से बिक्रमगंज, दावथ और नवानगर की ओर से आने वाले वाहनों को डुमरांव के व्यस्त बाजार से गुजरने की मजबूरी नहीं रहेगी। इससे जाम से राहत मिलने के साथ आवागमन और माल परिवहन भी सुगम होगा।














