पटना, 23 अक्टूबर (पटना डेस्क) लखीसराय जिले में ग्रामीण महिलाओं को अब अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिले में मनरेगा के तहत ग्रामीण हाट विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। इसके तहत सातों प्रखंडों में कम से कम एक ग्रामीण हाट का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक हाट में 50 दुकानों के लिए चबूतरे और बिक्री स्थल बनाए जाएंगे। योजना पूरी होने के बाद 350 दुकानों के जरिए गांवों में ही व्यवस्थित बाजार उपलब्ध होगा। इन दुकानों का आवंटन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जीविका दीदियों को किया जाएगा। इससे समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए स्थायी स्थान मिलेगा और स्थानीय स्तर पर कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं ग्रामीणों को किराना, सब्जी, फल और घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे दूर बाजार जाने की परेशानी भी कम होगी। ग्रामीण हाट के लिए चानन के जानकीडीह, सूर्यगढ़ा की बुधौली बनकर पंचायत के सिमरातरी, रामगढ़ चौक के नोनगढ़, बड़हिया के गंगासराय और पिपरिया के रामचंद्रपुर में स्थल चिह्नित कर लिया गया है। लखीसराय और हलसी में भूमि चयन की प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक हाट के निर्माण पर 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। दुकानों के प्लेटफॉर्म पर क्रम संख्या के साथ संबंधित सामग्री का नाम भी अंकित किया जाएगा, जिससे ग्राहकों को सामान खोजने में सुविधा होगी।

हाट परिसर में शौचालय और स्नानघर भी बनाए जाएंगे। जैविक कचरे के निस्तारण के लिए नाडेप टैंक बनाया जाएगा, जहां कचरे से खाद तैयार होगी। इससे स्वच्छता के साथ जैविक कचरे का उपयोग भी सुनिश्चित होगा। उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि चयनित स्थलों पर जल्द निर्माण शुरू कराया जाएगा। शेष प्रखंडों में भूमि चयन की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है।















