बक्सर, 22 अक्टूबर (विक्रांत) सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोकने और दुर्घटना के बाद के बेहद महत्वपूर्ण ‘गोल्डन आवर’ में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राहत योजना लागू की है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इलाज की सुविधा अधिकतम सात दिनों की अवधि तक निर्धारित अधिकृत अस्पतालों में मिलेगी। घायल को उपचार के लिए कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा।

जिला परिवहन पदाधिकारी, बक्सर ने जिलेवासियों को योजना की जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत और इस योजना के लिए अधिकृत अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों का उपचार कराया जा सकेगा। अस्पताल में मरीज को भर्ती कर तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा तथा टीएमएस 2.0 पोर्टल पर ट्रीटमेंट आईडी बनाई जाएगी। इसके बाद पुलिस अधिकारी दुर्घटना, वाहन की संलिप्तता और पीड़ित की पहचान का सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत कैशलेस उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में घायल की मदद करने वाले नेक राहगीरों को 25 हजार रुपये तक पुरस्कार देने का भी प्रावधान है।

परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हादसे के बाद तमाशबीन बनने के बजाय घायल की तत्काल मदद करें। नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के साथ आपातकालीन सेवा 112 अथवा पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। बक्सर में 13 अस्पताल अधिकृत किए गए हैं। इनमें सदर अस्पताल बक्सर, अनुमंडल अस्पताल डुमरांव, सीएचसी ब्रह्मपुर, नावानगर, सिमरी, राजपुर, चक्की, इटाढ़ी, चौगाईं, चौसा तथा पीएचसी केसठ शामिल हैं। निजी अस्पतालों में दिव्यालोक चिकित्सा केंद्र, बक्सर और रेनेफोकेयर डायलिसिस प्राइवेट लिमिटेड, बक्सर में भी सुविधा उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दुर्घटना के बाद हर मिनट को कीमती समझते हुए घायल को तत्काल नजदीकी अधिकृत अस्पताल पहुंचाएं, ताकि इलाज की प्रक्रिया बिना देरी शुरू हो सके।

साथ ही योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया गया है। प्रशासन ने वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, नशे में वाहन नहीं चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है। संदेश स्पष्ट है, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, सुरक्षित चलें और जिंदगी बचाने में मददगार बनें।
















