बक्सर, 20 अक्टूबर (विक्रांत) डुमरांव बाजार में लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने और शहर के बाहर से वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। एनएच-120 पर प्रस्तावित डुमरांव बाईपास के रेलवे ओवरब्रिज के सामान्य तकनीकी नक्शे (जीएडी) को पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय, हाजीपुर ने मंजूरी दे दी है। छह अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में रेलवे ने आरओबी की जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग को स्वीकृति प्रदान की। लंबे समय से तकनीकी स्वीकृति का इंतजार कर रही परियोजना को रेलवे की हरी झंडी मिलने के बाद अब निर्माण की अगली राह खुल गई है। इस उपलब्धि को डुमरांव के जदयू विधायक राहुल कुमार सिंह की लगातार पहल का परिणाम माना जा रहा है।

रेलवे से जीएडी की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना से संबंधित फाइल डीपीआर तैयार करने के लिए दिल्ली भेजी गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी होने की उम्मीद है। करीब 210 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 5.3 किलोमीटर लंबा बाईपास प्रस्तावित है। बाईपास की सड़क दो लेन की होगी, जिसकी चौड़ाई करीब 10 मीटर निर्धारित की गई है। इसके साथ करीब एक किलोमीटर लंबा चार लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। यह आरओबी आरा-बक्सर रेलखंड पर डुमरांव और बरुना रेलवे स्टेशन के बीच, डुमरांव स्टेशन के निकट प्रस्तावित है। रेलवे लाइन के कारण सड़क यातायात में आने वाली बाधा को खत्म करना आरओबी का प्रमुख उद्देश्य है।

बाईपास बनने के बाद बाहरी वाहनों को डुमरांव बाजार के भीतर से गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे मुख्य बाजार, चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर वाहनों का दबाव घटने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, यह आरओबी पश्चिमी रेल फाटक संख्या 67ए पर निर्माणाधीन दूसरे आरओबी से अलग है। दोनों की जगह और उद्देश्य अलग-अलग हैं। बाईपास वाला आरओबी एनएच-120 की व्यापक यातायात सुधार योजना का हिस्सा है।अब डीपीआर, मंत्रालय की स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। बाईपास धरातल पर उतरने से जाम, समय और ईंधन की बर्बादी में कमी के साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार की उम्मीद है। लंबे समय से बाईपास की बाट जोह रहे डुमरांववासियों के लिए रेलवे की मंजूरी बड़ी राहत और नई उम्मीद लेकर आई है।















