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सोन किनारे बनेगा भोजपुरी संस्कृति का सबसे बड़ा ठिकाना, 26 करोड़ के भोजपुरी हाट से बदलेगी शाहाबाद की तस्वीर

पटना, 12 मई (पटना डेस्क) रोहतास जिले में सोन नदी पर बने इंद्रपुरी बराज के समीप तैयार हो रहा भव्य भोजपुरी हाट अब तेजी से आकार लेने लगा है। 25.98 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद यह न सिर्फ रोहतास बल्कि पूरे शाहाबाद क्षेत्र के लिए नया पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र बनकर उभरेगा। भोजपुरी हाट निर्माण को लेकर प्रशासन और पर्यटन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बताया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान 19 फरवरी को इस परियोजना की घोषणा की थी।

घोषणा के बाद बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने तेजी से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जिलाधिकारी उदिता सिंह ने निर्माण एजेंसी को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। भोजपुरी हाट को पूरी तरह पारंपरिक भोजपुरी शैली में विकसित किया जा रहा है। यहां भोजपुरी कला, लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प और लोक संगीत को विशेष पहचान दी जाएगी। स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और कलाकारों के लिए स्थायी स्टॉल बनाए जाएंगे, जहां वे अपने उत्पादों और कला का प्रदर्शन कर सकेंगे। परियोजना में ओपन एयर थिएटर, आधुनिक फूड कोर्ट, बच्चों के लिए पार्क और बड़ी पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी।

सोन नदी के किनारे होने के कारण यहां बोटिंग सुविधा शुरू करने की भी योजना बनाई गई है, जिससे पर्यटकों को नया आकर्षण मिलेगा।इस हाट का सबसे बड़ा उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कलाकारों को रोजगार उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का मानना है कि परियोजना शुरू होने के बाद हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही यह क्षेत्र पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होगा। इंद्रपुरी बराज, तुतला भवानी और रोहतासगढ़ किला घूमने आने वाले पर्यटक अब भोजपुरी संस्कृति की झलक भी एक ही स्थान पर देख सकेंगे।अधिकारियों के अनुसार, मधुबनी के मिथिला हाट के बाद यह बिहार का दूसरा सबसे बड़ा पारंपरिक हाट होगा। स्थानीय विधायक राजीव रंजन सिंह ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएगी और युवाओं के पलायन को रोकने में अहम भूमिका निभाएगी। सोन तट पर बनने वाला यह भोजपुरी हाट आने वाले दिनों में बिहार की सांस्कृतिक पहचान का नया प्रतीक बन सकता है।

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