पटना, 20 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने के साथ ही नेताओं के बीच बयानबाजी भी तीखी होती जा रही है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए को लेकर बड़ा दावा करते हुए गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं होने का आरोप लगाया है। उनके बयान से बिहार की सियासत में नई चर्चा छिड़ गई है। प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से जन सुराज के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए इसे सत्ता पर अंकुश लगाने का मौका बताया। प्रशांत किशोर ने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन के नेता बिहार विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत उनके दावों से अलग है।

उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बीच आपसी तालमेल की कमी दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक, विधान परिषद चुनाव में एनडीए को जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।नीतीश के हटने से NDA की जमीन खिसकी : PKप्रशांत किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार के हटने के बाद एनडीए की राजनीतिक जमीन कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि इसका असर चुनाव परिणामों में भी दिखाई दे सकता है। पीके ने लोकतंत्र की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी वास्तविक शक्ति जनता के हाथों में है। यह ताकत किसी एक चुनाव से न तो बनती है और न ही समाप्त होती है।जन सुराज को समर्थन देने की अपीलचुनावी प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने जन सुराज के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए कहा कि अगले चार साल तक एनडीए की सरकार रहेगी और तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में रहेंगे।

ऐसे में विधान परिषद चुनाव जनता के पास सरकार पर अंकुश रखने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि जन सुराज को समर्थन मिलने से बिहार की राजनीति में लोगों को नया विकल्प मिलेगा और सत्ताधारी नेताओं पर दबाव भी बनेगा। प्रशांत किशोर के इस बयान ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। एनडीए की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मतदाताओं से जन सुराज प्रत्याशियों को समर्थन देकर नई राजनीतिक ताकत खड़ी करने की अपील की।















