बक्सर, 24 मई (विक्रांत) डुमरांव में भाकपा माले ने बिहार सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की राजनीति में “सुशासन मॉडल” खत्म कर “बुलडोजर और एनकाउंटर मॉडल” लागू करने का आरोप लगाया है। पार्टी के तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन से लौटने के बाद जिला सचिव नवीन कुमार ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि बिहार में अब विकास और सामाजिक सद्भाव की जगह भय, दमन और सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। नवीन कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने न केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से किनारे किया, बल्कि उनके पूरे राजनीतिक विमर्श और शासन मॉडल को भी पलट दिया।

उन्होंने कहा कि दलितों, गरीबों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, छात्र-युवाओं और मजदूरों के खिलाफ दमनकारी कार्रवाइयों को “न्यू नॉर्मल” बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा डुमरांव में मूर्ति अनावरण को लेकर भी माले ने कड़ी आपत्ति जताई। नवीन कुमार ने कहा कि डुमरांव की धरती पर अगर किसी की मूर्ति लगनी चाहिए तो आजादी की लड़ाई में शहीद हुए 21 योद्धाओं और भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की लगनी चाहिए, न कि किसी “अंग्रेज-रत्न” की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी ऐसी पहल कभी नहीं की थी। माले नेता ने आरोप लगाया कि बिहार में बुलडोजर गरीबों, फुटपाथ दुकानदारों, झुग्गीवासियों और मुसलमानों पर चलाया जा रहा है, जबकि बड़े अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही।

उन्होंने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के लोगों को अपराधी घोषित कर गोली मारी जा रही है। हाल के दिनों में पुलिस मुठभेड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि “एक खास समुदाय” को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में कृषि योग्य जमीनों को कॉरपोरेट कंपनियों के हवाले करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भागलपुर में अडाणी समूह को जमीन दिए जाने और 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप योजना का हवाला देते हुए उन्होंने इसे “कॉरपोरेट भूमि अधिग्रहण” बताया। माले नेता ने दरभंगा में संपन्न 12वें राज्य सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी आने वाले दिनों में लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और जनाधिकारों के सवाल पर संघर्ष को और तेज करेगी। सम्मेलन में कुणाल को दोबारा राज्य सचिव चुना गया, जबकि 107 सदस्यीय नई राज्य कमेटी में 27 नए चेहरों को शामिल किया गया है।

















