
बक्सर, 01 सितंबर (विक्रांत) जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला के मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिमरी के औचक निरीक्षण से अस्पताल में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति से लेकर साफ-सफाई तक कई गंभीर खामियां सामने आईं। डीएम ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।अस्पताल में चिकित्सकों एवं कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएम ने बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की जांच की।
इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारी, लिपिक, स्वास्थ्य शिक्षक, डाटा इंट्री ऑपरेटर, नर्स, एएनएम, परिवार नियोजन कार्यकर्ता और डाटा विश्लेषक विलंब से उपस्थित पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सिविल सर्जन बक्सर को संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से कारण-पृच्छा करने तथा अगले आदेश तक वेतन स्थगित रखने का निर्देश दिया।औचक निरीक्षण में अस्पताल की सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई। इमरजेंसी वार्ड और शौचालय समेत कई स्थानों पर साफ-सफाई का अभाव मिला। मरीजों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में बरती जा रही लापरवाही पर डीएम ने नाराजगी जताई।
उन्होंने सिविल सर्जन को प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को निलंबित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान परिवार नियोजन परामर्शदाता कक्ष बंद पाया गया। इस पर डीएम ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं को सुचारू रखने और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया।डीएम ने अस्पताल में पदस्थापित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं कर्मियों के मोबाइल नंबर पालीवार रोस्टर के अनुसार मुख्य गेट अथवा किसी स्पष्ट और दृष्टिगोचर स्थान पर बोर्ड में अंकित कराने का निर्देश दिया, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज और उनके परिजन संबंधित कर्मियों से संपर्क कर सकें।

इसके अलावा मरीजों को अस्पताल में जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेल्प डेस्क अथवा ‘May I Help You’ काउंटर को तत्काल क्रियाशील कराने का निर्देश दिया गया। औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों में कार्रवाई को लेकर बेचैनी देखी गई।















