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स्कूल में डीएम ने खुद चखा मिड-डे मील: खुली बदइंतजामी की पोल, कम उपस्थिति और गंदगी पर प्रधानाध्यापक से जवाब तलब

बक्सर, 30 अगस्त (विक्रांत) जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला ने प्राथमिक विद्यालय उमरपुर (बालक) एवं (बालिका) का निरीक्षण कर स्कूल में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन का स्वयं स्वाद चखकर उसकी गुणवत्ता जांची। भोजन की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पाए जाने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी, बक्सर को आवश्यक निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित मिले, लेकिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी कम पाई गई। स्कूल परिसर में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, विद्युत, रंग-रोगन और चहारदीवारी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। व्यवस्थाओं की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित प्रधानाध्यापक से कारण-पृच्छा करने का निर्देश दिया।डीएम ने प्रधानाध्यापक को सभी कक्षाओं में पर्याप्त संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नियमित रूप से विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।

डीएम ने स्पष्ट किया कि केवल नामांकन पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालय में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन पर विशेष जोर देते हुए शिक्षकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर ध्यान देने को कहा। साथ ही अभिभावक-शिक्षक बैठक नियमित रूप से और गंभीरता के साथ आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों की उपस्थिति, पढ़ाई और शैक्षणिक उपलब्धियों की लगातार समीक्षा की जा सके। विद्यालय तक बच्चों और शिक्षकों का सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए पहुंच पथ के निर्माण को लेकर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध सभी मूलभूत सुविधाओं में तत्काल अपेक्षित सुधार किया जाए। बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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