मुंगेर, 01 सितंबर (प्रभात कुमार संगम) दिल्ली के ख्याला थाना पुलिस ने महज तीन साल के लापता बच्चे को एक हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तक पीछा कर बिहार के मुंगेर से सकुशल बरामद कर लिया। अस्पताल से रहस्यमय तरीके से गायब हुए मासूम को लेकर पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से आरोपी महिला तक पहुंच गई। बच्चे को दिल्ली लाकर सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया।पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:07 बजे ख्याला थाने में बच्चे के लापता होने या अपहरण की पीसीआर कॉल मिली थी। बच्चे की मां ने बताया कि वह गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में दवा लेने गई थी। इसी दौरान उसका तीन वर्षीय बेटा अस्पताल के पास खेल रहा था और अचानक गायब हो गया।

मामले में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान पुलिस टीम ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक अज्ञात महिला बच्चे को अस्पताल से बाहर ले जाती दिखाई दी। पुलिस ने महिला का पीछा करते हुए आगे के कैमरों की फुटेज खंगाली तो वह एक ई-रिक्शा में बैठकर मादीपुर गांव की ओर जाती नजर आई। स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर महिला की पहचान मादीपुर में अस्थायी रूप से रह रही 31 वर्षीय महिला के रूप में हुई। वह मूल रूप से बिहार के बांका की रहने वाली बताई गई। पुलिस को जानकारी मिली कि महिला अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो चुकी है। इसके बाद ख्याला पुलिस की विशेष टीम ने बिहार का रुख किया।

टीम ने मुंगेर जिले में छापेमारी कर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी महिला ने कथित तौर पर बताया कि उसकी छह बेटियां हैं और मेडिकल समस्याओं के कारण वह आगे संतान पैदा नहीं कर सकती थी। बेटे की चाहत में उसने अस्पताल से बच्चे को कथित तौर पर उठाया, ताकि उसे अपना बेटा बनाकर पाल सके।पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच के चलते दिल्ली से दूर बिहार में बच्चे तक पहुंचने में सफलता मिली। मासूम की बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।














