पटना, 01 मई (अविनाश कुमार) मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स इंडिया के निर्देश पर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मई के तीसरे सप्ताह में बड़ा मॉकड्रिल आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पटना सहित राज्य के छह जिलों में एक साथ हवाई हमले और ब्लैकआउट से जुड़ा अभ्यास किया जाएगा, जिससे पूरे सिस्टम की तैयारियों को परखा जा सके। मॉकड्रिल के दौरान तय समय पर सायरन बजेंगे और ब्लैकआउट लागू किया जाएगा। राज्य स्तर पर सिविल डिफेंस डायरेक्टरेट बिहार को इस अभ्यास के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।

इसकी तैयारी को लेकर गुरुवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने की।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सभी संबंधित जिलों के डीएम और एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मॉकड्रिल को पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ सफल बनाया जाए। सचिव ने कहा कि केंद्र के निर्देशानुसार वर्ष में कम से कम दो बार ऐसे अर्द्धवार्षिक अभ्यास अनिवार्य हैं। उन्होंने सायरन की समुचित व्यवस्था, बिजली विभाग के साथ तालमेल और ब्लैकआउट के दौरान निर्बाध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि मॉकड्रिल के दौरान आमजन में घबराहट न फैले, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। अस्पतालों में खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे लगाने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सायरन के लिए चौक-चौराहों के साउंड सिस्टम, थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का भी उपयोग किया जाएगा। असैनिक सुरक्षा के महानिदेशक-सह-आयुक्त परेश सक्सेना ने पिछले अभ्यास में बेगूसराय के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इस बार और बेहतर तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों, दवा व्यवसायियों और सामाजिक संगठनों को भी इस अभ्यास में शामिल करने पर जोर दिया।यह मॉकड्रिल न सिर्फ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जागरूक बनाएगी।













