पटना, 06 मई (पटना डेस्क) बरारी पुल घाट पर विक्रमशिला सेतु का स्लैब गिरने के बाद गंगा पार आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने नाव परिचालन को सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक सीमित कर दिया है। इसके चलते शाम के बाद यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और कई लोग घाट पर ही फंस जा रहे हैं। नवगछिया और भागलपुर के बीच चलने वाली नाव सेवा अब तय समय में ही उपलब्ध है। शाम 5 बजे के बाद नावों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, जिससे देर शाम पहुंचने वाले यात्रियों के सामने रात्रि विश्राम की समस्या खड़ी हो गई है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल कदम उठाते हुए फंसे यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था की है।

नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के निर्देश पर मायागंज अस्पताल के सामने स्मार्ट सिटी योजना के तहत बने 100 बेड के नाइट शेल्टर और तातारपुर स्थित निगम गोदाम परिसर में 60 बेड वाले रैन बसेरे को यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। यहां मुफ्त में रहने की सुविधा दी जा रही है।प्रशासन ने माइकिंग और बैनर के माध्यम से यात्रियों को इन सुविधाओं की जानकारी दी है। अतिक्रमण दस्ता प्रभारी जयप्रकाश यादव के अनुसार, आंधी-बारिश के कारण नाव सेवा बाधित होने से घाट पर भीड़ बढ़ गई थी, जिसके बाद यह व्यवस्था की गई।

सोमवार रात करीब 40 यात्री नाव छूटने के कारण फंस गए थे, जिन्हें जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर सुरक्षित रैन बसेरे तक पहुंचाया गया। वहीं मंगलवार रात भी करीब 25 यात्री घाट पर ही रह गए, हालांकि कुछ ने अस्थायी शेड में ही रात बिताने का फैसला किया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय सीमा को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें। फिलहाल स्थिति सामान्य होने तक ये व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।













