सीतामढ़ी 07 अप्रैल (मोहम्मद कलीमुद्दीन) बिहार के सीमावर्ती इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सीतामढ़ी से निर्मली तक प्रस्तावित 188 किलोमीटर लंबी रेललाइन परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत फाइनल एलाइनमेंट सर्वे के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे वर्षों से अटकी परियोजना अब जमीन पर उतरती दिख रही है।

जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी जंक्शन से शुरू होकर यह रेलखंड बथनाहा, सोनबरसा, सुरसंड, भिट्ठामोड़, चोरौत और जयनगर होते हुए निर्मली तक पहुंचेगा। इस सर्वे को पूरा होने में करीब चार महीने का समय लगेगा। परियोजना पूरी होने के बाद बथनाहा, सोनबरसा, परिहार और सुरसंड जैसे प्रखंड पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता महबूब आलम ने बताया कि राज्य के मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को पत्र भेजकर परियोजना की प्रगति से अवगत कराया गया है।

उन्होंने कहा कि फाइनल सर्वे के बाद निर्माण कार्य की दिशा में तेजी लाई जाएगी। इस रेललाइन की खासियत यह है कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। अभी तक इन इलाकों के लोगों को रेल पकड़ने के लिए दूर-दराज के स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई लाइन से किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहूलियत होगी, वहीं व्यापार और छोटे उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों के लिए यह परियोजना सस्ती और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प देगी। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि इस परियोजना को 2008-09 में मंजूरी मिली थी, लेकिन 2019 में इसे स्थगित कर दिया गया था। अब 2025 में दोबारा मंजूरी मिलने के बाद इसके जल्द पूरा होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।















