मोतिहारी, 06 मई (गौरव कुमार गुप्ता) बिहार में कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले सरकार ने बड़ा विकास दांव खेलते हुए सीमावर्ती इलाके के लिए ऐतिहासिक घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्सौल हवाई अड्डे के निर्माण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए टेंडर जारी करने की जानकारी दी है। इस फैसले को राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत रनवे, एप्रन, टैक्सीवे और अन्य एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा, जिससे रक्सौल को आधुनिक हवाई सुविधाओं से जोड़ा जा सकेगा।

पूर्वी चंपारण जिले में स्थित रक्सौल, नेपाल सीमा से सटा एक महत्वपूर्ण शहर है। ऐसे में यहां एयरपोर्ट का निर्माण रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से सीमावर्ती इलाकों में आवागमन आसान होगा और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्सौल एयरपोर्ट बनने से चंपारण क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने इसे ‘डबल इंजन सरकार’ की विकास नीति का नतीजा बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

इधर, 7 मई को पटना में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार समेत कई दिग्गजों के शामिल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री के पटना दौरे के दौरान भव्य रोड शो की भी तैयारी की गई है। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक पूरे मार्ग को सजाया जा रहा है और जगह-जगह स्वागत की विशेष व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में बिहार में विकास और राजनीति, दोनों का बड़ा मंच एक साथ सजने जा रहा है।















