नई दिल्ली, 07 अप्रैल (अशोक “अश्क”) पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के चलते वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं, लेकिन भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ा आश्वासन दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि खाद्य सुरक्षा, ईंधन आपूर्ति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा ने बताया कि देश में अनाज का भंडार तय मानकों से कहीं अधिक है।

वर्तमान में लगभग 222 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 380 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है, जो कुल मिलाकर 602 लाख मीट्रिक टन है—यानी जरूरत से लगभग तीन गुना ज्यादा। सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को लगातार राहत दे रही है, वहीं ओपन मार्केट सेल स्कीम के जरिए कीमतों को नियंत्रित रखा जा रहा है। राज्यों को रियायती दर पर अतिरिक्त चावल भी उपलब्ध कराया जा रहा है। ईंधन मोर्चे पर भी सरकार सतर्क है। सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और अतिरिक्त खेप पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है।

पश्चिम एशिया से गैस लेकर आ रहे भारतीय पोत ‘ग्रीन संघवी’ और ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं। देशभर में प्रतिदिन करीब 50 लाख गैस सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है और 97 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो चुकी है। कालाबाजारी रोकने के लिए 90 प्रतिशत वितरण में ओटीपी सत्यापन लागू किया गया है।सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद देश में न तो खाद्यान्न की कमी होगी और न ही ईंधन की यानी आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
















