नई दिल्ली, 12 अप्रैल (अशोक “अश्क”) अमेरिका की सियासत में इस वक्त भूचाल जैसे हालात हैं। पूर्व राजनयिक महेश सचदेव ने बड़ा बयान देते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि ईरान के साथ जारी युद्ध ट्रंप के राजनीतिक भविष्य पर भारी पड़ सकता है। एक साक्षात्कार में सचदेव ने दावा किया कि अमेरिकी जनता का बड़ा वर्ग इस युद्ध के खिलाफ है और करीब दो-तिहाई लोग इसे जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रंप की लोकप्रियता गिरकर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है, वहीं देश की आर्थिक स्थिति भी चिंताजनक संकेत दे रही है। अमेरिका की पहली तिमाही की विकास दर 4.5 प्रतिशत से गिरकर मात्र 0.5 प्रतिशत रह गई है, जो प्रशासन पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति को युद्ध शुरू करने के 60 दिनों के भीतर कांग्रेस की मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। मौजूदा युद्ध को 40 दिन बीत चुके हैं और अब ट्रंप के पास केवल 15 दिन शेष है।

लेकिन कांग्रेस से मंजूरी लेना उनके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि आगामी मध्यावधि चुनावों के चलते कई रिपब्लिकन और अधिकांश डेमोक्रेट इस युद्ध के विरोध में खड़े हैं। सचदेव ने चेताया कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो इसका सीधा असर चुनावों पर पड़ेगा और रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, यदि ट्रंप दोनों सदनों में बहुमत खोते हैं, तो ‘एपस्टीन फाइल्स’ जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि चीन की ईरान को अप्रत्यक्ष मदद के संकेत मिल रहे हैं, जो वैश्विक तनाव को और बढ़ा सकते हैं। ऐसे में ट्रंप के पास युद्ध रोकने या ‘विजय’ घोषित कर पीछे हटने के अलावा सीमित विकल्प ही बचे हैं।

















