बक्सर, 02 अप्रैल (विक्रांत) पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए माल ढुलाई और यात्री राजस्व दोनों में नया इतिहास रच दिया है। मुख्यालय हाजीपुर में महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इन उपलब्धियों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि पूर्व मध्य रेल ने 203.42 मिलियन टन माल ढुलाई कर भारतीय रेल के शीर्ष चार जोनों में अपनी जगह बनाई है।

खास बात यह है कि लगातार दूसरे वर्ष 200 मिलियन टन से अधिक माल लदान का आंकड़ा पार किया गया है। इससे पहले 2024-25 में 202.63 मिलियन टन माल ढुलाई की गई थी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष कई बड़े कदम उठाए गए। कुल 45 जोड़ी नई ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया, जिनमें अमृत भारत एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और नमो भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा 20 जोड़ी ट्रेनों का विस्तार भी किया गया।त्योहारी सीजन—दशहरा, दीपावली, छठ और होली—के दौरान 14,559 स्पेशल ट्रेन फेरे चलाए गए, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली।

साथ ही 313 अतिरिक्त ठहराव भी प्रदान किए गए।इन प्रयासों का सीधा असर राजस्व पर पड़ा। वर्ष 2025-26 में पैसेंजर रेवेन्यू 4917.81 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सर्वाधिक है और पिछले वर्ष से 6.89 प्रतिशत अधिक है। कैटरिंग से 91.50 करोड़ और सैंड्री आय 401.50 करोड़ रुपये रही। वहीं टिकट चेकिंग से 232.61 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो पूरे भारतीय रेल में तीसरे स्थान पर है। कुल मिलाकर पूर्व मध्य रेल ने विकास और सेवा दोनों मोर्चों पर दमदार प्रदर्शन कर नई मिसाल कायम की है।

















