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उत्तर बिहार को मिलेगी रेलवे की नई रफ्तार, मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बछवाड़ा रेलखंड पर तीसरी लाइन का रास्ता साफ

समस्तीपुर, 11 जून (हर्षिता “अश्क”) उत्तर बिहार के लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। क्षेत्र के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बछवाड़ा रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे ने इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य तेज कर दिया है, जिससे आने वाले वर्षों में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने और रेल परिचालन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जगी है। रेलवे सूत्रों के अनुसार करीब 86.21 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण रेलखंड का फाइनल लोकेशन सर्वे दिल्ली की अरुणोदय इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है।

मार्च के अंत तक लगभग 25 प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया था और अब शेष कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने की तैयारी चल रही है। सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर निर्माण कार्य की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त की जाएंगी। मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बछवाड़ा रेलखंड उत्तर बिहार की रेल लाइफलाइन माना जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरती हैं। वर्तमान में यहां केवल दो रेल लाइनें हैं, जिनका उपयोग अप और डाउन ट्रेनों के संचालन के लिए किया जाता है। बढ़ती यात्री संख्या और माल ढुलाई के दबाव के कारण कई बार ट्रेनों को क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग के लिए स्टेशनों पर रोकना पड़ता है, जिससे देरी की समस्या उत्पन्न होती है।

रेल विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु और व्यवस्थित हो जाएगी। खासकर मालगाड़ियों को अतिरिक्त कॉरिडोर मिलने से माल परिवहन की गति बढ़ेगी। बरौनी, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई आसान होगी। फाइनल लोकेशन सर्वे के दौरान रेल लाइन का संभावित मार्ग, भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता, पुल-पुलियों की संख्या, निर्माण लागत और परियोजना की समय-सीमा तय की जाएगी। इसी आधार पर आगे का पूरा खाका तैयार होगा। रेलवे केवल इसी परियोजना तक सीमित नहीं है। छपरा ग्रामीण-बछवाड़ा, शाहपुर पटोरी रूट तथा बरौनी-कटिहार समेत करीब 450 किलोमीटर लंबे अन्य महत्वपूर्ण रेलखंडों का भी सर्वे कराया जा रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि उत्तर बिहार के रेल नेटवर्क को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में रेलवे बड़े स्तर पर काम कर रहा है।

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