बक्सर, 01 नवंबर (विक्रांत) भूमिहीन नट परिवारों को वासगीत जमीन उपलब्ध कराने और भाकपा (माले) नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। आज के डुमरांव पूर्व विधायक एवं इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार सिंह ने गिरिधर बरांव गांव में भूमिहीन नट परिवारों और पार्टी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने 4 नवंबर 2026 को सोनवर्षा थाना पर धरना-प्रदर्शन और घेराव करने की घोषणा की।प्रेस को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार जनता दरबार के माध्यम से गरीबों की समस्याएं सुनने का दावा करती है, लेकिन हक मांगने वाले भूमिहीनों की आवाज दबाई जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों से वासगीत जमीन के लिए लिए गए आवेदन, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल उन्हीं के संघर्षरत नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने में किया गया। उन्होंने सोनवर्षा थाना कांड संख्या 115/26 को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि नवानगर प्रखंड सचिव हरेंद्र राम, प्रखंड कमेटी सदस्य संतोष यादव, पूर्व विधायक के निजी सहायक नासिर हुसैन तथा जिला कमेटी के पूर्व स्टैंडिंग सदस्य और मणियां पैक्स अध्यक्ष नीरज कुमार यादव के खिलाफ कथित फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है।
डॉ. सिंह के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज कराने वाले बृज नट को भी कथित तौर पर यह जानकारी नहीं थी कि नवानगर प्रखंड कार्यालय के सभा कक्ष में वासगीत भूमि के आवेदन पर लिए गए उनके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल मुकदमे में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया अंचल अधिकारी सुभांशु शेखर, प्रखंड विकास पदाधिकारी सूरज कुमार, डुमरांव एसडीओ राजीव कुमार और सोनवर्षा थानाध्यक्ष की मौजूदगी में हुई।

इसे प्रशासनिक जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।भाकपा (माले) ने भूमिहीन नट परिवारों को तत्काल जमीन देने और नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन व्यापक होगा। नेताओं ने गरीबों, भूमिहीनों और न्यायप्रिय नागरिकों से 4 नवंबर के आंदोलन में शामिल होने की अपील की।














