बक्सर, 09 अक्टूबर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मुख्य सभागार में शुक्रवार को मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कुल 60 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। सीसीआईएनएम के प्रतिभागियों ने भी रक्तदान कर अभियान को मजबूती दी।शिविर का आयोजन विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशालय के तत्वावधान में रेड रिबन क्लब, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) बिहार कृषि महाविद्यालय और कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी (सीएबीटी) के संयुक्त सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रेड रिबन क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. अंशुमन कोहली, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अजय भारद्वाज, डॉ. राजेंद्रगौड़ा पाटिल, डॉ. स्नेह प्रभा, सीएबीटी के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विवेक रंजन और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुपर्णा रॉय चौधरी ने भी सक्रिय योगदान दिया। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, भागलपुर के ब्लड बैंक की टीम ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच कर रक्त संग्रह किया। वहीं वी केयर फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं को संभालने में सहयोग दिया। कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव सेवा का महान कार्य है। रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचा सकती है।
उन्होंने रक्तदाताओं और आयोजकों की सराहना करते हुए इस संदेश को समाज तक पहुंचाने की अपील की।कार्यक्रम में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने, डीन एजी डॉ. संजय कुमार, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. श्वेता शम्भावी, डीन स्नातकोत्तर डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव, प्राचार्य डॉ. रूबी रानी सहित वरिष्ठ प्राध्यापक मौजूद रहे। रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर ने “रक्तदान—जीवनदान” का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया।














