पटना, 31 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे लोगों को अब पहले से अधिक सतर्क रहना होगा। राज्य में 1 नवंबर से नए बिजली कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क की नई दरें लागू होने जा रही हैं। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को निर्धारित लोड के अनुसार शुल्क जमा करना होगा। इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शन लेने वालों पर भी पड़ेगा। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों की याचिका पर जुलाई में ही नई दरों को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद 29 जुलाई को बिजली वितरण कंपनियों ने सभी संबंधित जिलों को नई दरों की जानकारी भेज दी थी। अब एक नवंबर से नई व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी।

नई व्यवस्था का उद्देश्य नए बिजली कनेक्शन के लिए सर्विस शुल्क को निर्धारित और पारदर्शी बनाना है। इससे उपभोक्ताओं को आवेदन करते समय ही अपने स्वीकृत लोड के अनुसार देय राशि की जानकारी मिल जाएगी। ये दरें उन क्षेत्रों में लागू होंगी, जहां पहले से बिजली की सुविधा उपलब्ध है। शुल्क जमा होने के बाद बिजली कंपनी तकनीकी जरूरत के अनुसार मीटर तक लाइन और सर्विस तार उपलब्ध कराएगी।एलटी सिंगल फेज श्रेणी में सात किलोवाट तक के कनेक्शन शामिल हैं। इसके तहत तीन किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 900 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। तीन किलोवाट से अधिक लोड पर 2700 रुपये देने होंगे।

इसके अतिरिक्त प्रत्येक किलोवाट पर 1000 रुपये का शुल्क लगेगा।एलटी थ्री फेज कनेक्शन में पांच से 19 किलोवाट तक के लोड के लिए पांच किलोवाट तक 4500 रुपये शुल्क लगेगा। इससे अधिक लोड होने पर प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1500 रुपये देने होंगे।वहीं, 20 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन में 20 किलोवाट तक 21 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे अधिक लोड पर प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 2000 रुपये अतिरिक्त जमा करने होंगे। नई दरों को लागू करने के लिए दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने अपने सभी अंचलों, प्रमंडलों और उपप्रमंडलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। एक नवंबर से नए आवेदनों का निपटारा इन्हीं दरों के आधार पर होगा। ऐसे में नया कनेक्शन लेने वालों को अब पुराने शुल्क के बजाय नई निर्धारित राशि का भुगतान करना पड़ेगा।













