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बिहार का चर्चित टेंडर कांड: रिशु श्री से पूछताछ के बाद दो IAS अफसरों के ठिकानों पर SVU का शिकंजा, खंगाले जा रहे कई अहम दस्तावेज

पटना, 19 जून (अविनाश कुमार) बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। कारोबारी एवं ठेकेदार रिशु श्री से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर SVU की टीम शुक्रवार को बिहार कैडर के दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों और एक निजी कंपनी के निदेशक के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। जानकारी के अनुसार, SVU की अलग-अलग टीमें 2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर, 2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा तथा मातृसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि कुछ सरकारी टेंडरों के आवंटन में कथित अनियमितताएं हुई और इसमें रिशु श्री की कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया।

सूत्रों के मुताबिक, रिशु श्री पिछले तीन दिनों से रिमांड पर हैं। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर SVU दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। योगेश कुमार सागर बिहार प्रशासनिक सेवा के चर्चित अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। वे फोर्ब्सगंज के एसडीओ, भागलपुर नगर निगम के नगर आयुक्त, बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUIDCO) के प्रबंध निदेशक और समाज कल्याण विभाग के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। वहीं अभिलाषा कुमारी शर्मा ने सीतामढ़ी की जिलाधिकारी, वित्त विभाग में संयुक्त सचिव तथा जीविका परियोजना समेत कई अहम विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान कुछ सरकारी टेंडरों में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद SVU ने प्रारंभिक जांच शुरू की। नवंबर 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले से संबंधित दस्तावेज और सूचनाएं मांगीं तथा मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलुओं की जांच शुरू की। इसके बाद कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया और वित्तीय लेन-देन की जांच तेज हुई। मई 2026 में बिहार सरकार ने दोनों IAS अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी थी। फिलहाल SVU की कार्रवाई जारी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक किसी अदालत ने आरोपों को सिद्ध नहीं किया है। जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

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