नालंदा, 02 जून (अविनाश पांडेय) बिहारशरीफ शहर में एक संभावित बड़ी आपराधिक घटना को लहेरी थाना पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने तीन कुख्यात अपराधियों को हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।

सदर एसडीपीओ-1 संकेत कुमार ने मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि सोमवार रात लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक को गुप्त सूचना मिली थी कि मदरसा गली स्थित परमानंद सिंह के मकान में तीन आदतन अपराधी हथियारों के साथ ठहरे हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और उनके निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिहारशरीफ-1 संकेत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने मदरसा गली स्थित मकान में छापेमारी की। मकान के प्रथम तल पर स्थित एक कमरे से तीनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।

तलाशी के दौरान उनके पास से एक देशी पिस्टल, एक कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान रामचंद्रपुर शिवाजी कॉलोनी निवासी मोनू कुमार (23), बिंद थाना क्षेत्र के मोहदीपुर निवासी राजा कुमार (25) तथा बिहार थाना क्षेत्र के कटरापर निवासी मोहित कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ चोरी, लूट, डकैती, रंगदारी, दंगा और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। तीनों पूर्व में जेल भी जा चुके हैं। छापेमारी अभियान में लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक, पुलिस अवर निरीक्षक सर्वेश कुमार, रणधीर कुमार, चंदन कुमार तथा सिपाही ब्रजेश कुमार और दीपक कुमार शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अपराधी किस बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे थे और उनके अन्य सहयोगी कौन हैं।

















