पटना, 08 मई (अविनाश कुमार) सोशल मीडिया पर आयुर्वेदिक इलाज का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। फेसबुक पर पतंजलि के नाम से फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रवि भूषण कुमार के रूप में हुई है, जो पटना जिले के फतूहा का रहने वाला बताया गया है। मामले में कार्रवाई अभिमन्यु राणा के निर्देश पर की गई। पुलिस टीम का नेतृत्व मनमीत सिंह ढिल्लों, हरजीत सिंह और साइबर थाना प्रभारी वरुण यादव ने किया।शिकायतकर्ता दीपिका कुब्बा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता के आयुर्वेदिक इलाज के लिए फेसबुक पर पतंजलि के नाम से एक लिंक देखा था।

लिंक पर क्लिक करने के बाद उनसे एक फॉर्म भरवाया गया। इसके बाद जालसाजों ने खुद को पतंजलि योगपीठ से जुड़ा बताते हुए इलाज, रहने की सुविधा, स्वास्थ्य कार्ड, बीमा और एनओसी के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगने शुरू कर दिए।परिवार आरोपियों के झांसे में आ गया और विभिन्न बैंक खातों तथा यूपीआई माध्यमों से कुल 6 लाख 21 हजार 656 रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन जब परिवार इलाज के लिए ऋषिकेश पहुंचा तो वहां उन्हें लेने कोई नहीं आया। शक होने पर उन्होंने पतंजलि योगपीठ से संपर्क किया, जहां पता चला कि उनके नाम पर कोई पंजीकरण ही नहीं था। इसके बाद पूरे साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ।जांच में पता चला कि ठगी की रकम महाराष्ट्र के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।

तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस बिहार पहुंची और पटना से मुख्य आरोपी को दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। राहत की बात यह रही कि पुलिस ने पीड़ित परिवार की पूरी रकम वापस दिला दी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी विज्ञापन या लिंक पर बिना जांच भरोसा न करें।

















