समस्तीपुर, 26 सितम्बर (हर्षिता “अश्क”) जन संस्कृति मंच (जसम) का सातवां बिहार राज्य सम्मेलन शनिवार को समस्तीपुर कॉलेज सभागार में शहीद-ए-आजम भगत सिंह और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण तथा शहीद गीत के साथ शुरू हुआ। सम्मेलन का मंच जनकवि सुरेंद्र प्रसाद और सभागार जनकवि महेश्वर के नाम पर रखा गया है। दो दिवसीय आयोजन स्थल को रामचंद्र राय-रामचंद्र आरसी नगर नाम दिया गया है।सम्मेलन का उद्घाटन प्रसिद्ध जनकवि मदन कश्यप ने किया। उन्होंने कहा कि फासीवादी प्रवृत्तियों का जीवन के हर स्तर पर विरोध जरूरी है।

लोकतांत्रिक और जनवादी परंपराओं को कायम रखने के लिए लगातार संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों में खतरों से निपटने का रास्ता जनता का आंदोलन है।मुख्य वक्ता जसम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कवि-आलोचक कौशल किशोर ने कहा कि भारतीय संदर्भ में फासीवाद से संघर्ष के लिए भगत सिंह प्रेरणास्रोत हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं आलोचक सियाराम शर्मा ने कहा कि जनचेतना को प्रगतिशील और वैज्ञानिक बनाए बिना फासीवाद का मुकाबला संभव नहीं है। जसम के राष्ट्रीय महासचिव मनोज सिंह ने कहा कि देश में जेनजी आंदोलन ने लोकतंत्र, संविधान, अभिव्यक्ति की आजादी और प्रगतिशील विचारों को लेकर नई बहस खड़ी की है।

जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने कलाकारों और लेखकों से जनसाधारण के संघर्षों में सक्रिय योगदान देने की अपील की। सम्मेलन में डेलीगेट, पर्यवेक्षक और अतिथियों समेत 125 से अधिक रंगकर्मी, साहित्यकार, कलाकार, चित्रकार और जनगायक शामिल हुए। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकारों की अध्यक्ष मंडली ने की। मौके पर दीपक सिन्हा के काव्य-संग्रह ‘ब्लैक स्पॉट’ का लोकार्पण हुआ।कार्यक्रम में आर्ट गैलरी, पुस्तक स्टॉल, काव्य-गोष्ठी सह मुशायरा और नाट्य प्रस्तुति भी हुई। रंगनायक-द लेफ्ट थियेटर सहित विभिन्न जनगायन टीमों ने प्रस्तुतियां दी।













