बक्सर, 28 सितम्बर (विक्रांत) राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जन-आंदोलन गतिविधियों में बक्सर जिले ने पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया है। 25 सितंबर तक जिले के सभी 10 परियोजनाओं के 1,944 आंगनबाड़ी केंद्रों से कुल 1,66,223 गतिविधियां जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर दर्ज की गईं, जो निर्धारित लक्ष्य का 101.81 प्रतिशत है। जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला ने उपलब्धि को बनाए रखने के साथ गतिविधियों को धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया।26 सितंबर को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आईसीडीएस एवं 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पोषण माह के दौरान संचालित गतिविधियों, विभागीय समन्वय, डैशबोर्ड प्रविष्टियों और आगामी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।

इस वर्ष पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक “हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम पर आयोजित हो रहा है। बैठक में आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका भोजन, सामुदायिक स्वामित्व तथा बच्चों के पोषण और प्रारंभिक उद्दीपन पर विशेष जोर दिया गया। सिमरी, नावानगर और ब्रह्मपुर में कम प्रविष्टियों पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए शत-प्रतिशत इंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रतिदिन अधिकतम पांच गतिविधियों की प्रविष्टि की जा सकती है, जबकि पिछली गतिविधियों की D+3 दिन तक इंट्री की सुविधा है। डेटा एंट्री की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है।समीक्षा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा SAM बच्चों की पहचान, एपेटाइट टेस्ट, स्वास्थ्य जांच और समय पर रेफरल, शिक्षा विभाग द्वारा आंगनबाड़ी-विद्यालय समन्वय तथा पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सामुदायिक सहभागिता की भूमिका पर चर्चा हुई।

बैठक में 29 सितंबर, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। इनमें माताओं-अभिभावकों को आमंत्रित करना, लाभार्थी माताओं, सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, अनुभव-संवाद तथा बच्चों के लिए खेल, चित्रकला और गीत जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इस दौरान राजपुर प्रखंड की काजल कुमारी की सफलता की कहानी भी साझा की गई। सेविका सेवांती देवी ने जनवरी में बच्ची का वजन महज 1.2 किलो पाए जाने पर उसे NRC में भर्ती कराया। करीब 28 दिनों के उपचार के बाद वजन 2.2 किलो हुआ। लगातार गृह भ्रमण और फॉलोअप के बाद 10 सितंबर को बच्ची का वजन 8.2 किलो और लंबाई 70 सेंटीमीटर दर्ज की गई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेष अवधि में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाया जाए और पात्र लाभार्थियों तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए।














