• Home
  • मुख्य समाचार
  • सबौर में ज्ञान का महाकुंभ: राज्यपाल ने दीक्षांत में बांटी डिग्रियां, कृषि से बनेगा विकसित भारत का रास्ता
Image

सबौर में ज्ञान का महाकुंभ: राज्यपाल ने दीक्षांत में बांटी डिग्रियां, कृषि से बनेगा विकसित भारत का रास्ता

बक्सर, 24 अप्रैल (विक्रांत) भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह ने शुक्रवार को ऐतिहासिक और भव्य रूप ले लिया, जब बिहार के राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन की अध्यक्षता में सैकड़ों छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। सुबह 11 बजे कर्पूरी सभागार में शुरू हुए इस गरिमामय आयोजन में अनुशासन, उत्साह और उपलब्धियों का अद्भुत संगम देखने को मिला।समारोह की शुरुआत राज्यपाल द्वारा छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाने के साथ हुई, जिसमें उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।

इससे पहले स्विमिंग पूल का उद्घाटन और रुद्राक्ष के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया।इस अवसर पर भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल, राज्यपाल के प्रधान सचिव गोपाल मीणा, विशेष सचिव शैलेन्द्र कुमार, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेकानंद सिंह, बीएयू के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह और कुलसचिव डॉ. मिजानुल हक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।समारोह में कुल 443 छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 13 पीएचडी शामिल हैं।

साथ ही 6 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 का विमोचन, पेयजल संयंत्र का उद्घाटन और ई-गवर्नेंस पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया। अपने संबोधन में राज्यपाल हसनैन ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जमकर सराहना करते हुए इसे “आदर्श ग्रीन कैंपस” बताया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े युवा देश की खाद्य सुरक्षा के प्रहरी हैं और “वर्क इज वर्शिप” के सिद्धांत पर काम करते हुए भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने चीन के विकास मॉडल और देंग शियाओपिंग के चार आधुनिकीकरण का जिक्र करते हुए कृषि, तकनीक और अनुसंधान पर जोर देने की बात कही। साथ ही “मखाना उत्कृष्टता केंद्र” की स्थापना को समय की जरूरत बताते हुए इसके लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि संस्थान NAAC ‘A’ ग्रेड और आईसीएआर की उच्च मान्यता प्राप्त कर चुका है। उन्होंने नई फसलों, स्टार्टअप्स और शोध परियोजनाओं में हो रही प्रगति को भी रेखांकित किया।यह दीक्षांत समारोह न केवल डिग्री वितरण का मंच बना, बल्कि कृषि नवाचार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक बनकर एक नई दिशा भी दे गया।

Releated Posts

बिहार में जमीन रजिस्ट्री का बदलेगा पूरा सिस्टम: अगस्त से होगी पूरी तरह पेपरलेस रजिस्ट्री, फाइलों और लंबी लाइनों से मिलेगी राहत

पटना, 14 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार में जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री कराने वाले लाखों लोगों के…

प्रशांत किशोर की पढ़ाई पर उठे सवालों का खुला राज: चुनावी हलफनामे ने खोले शिक्षा के पन्ने, बिहार से फ्रांस तक का सफर आया सामने

पटना, 14 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में इन दिनों जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर…

बिहार में ग्रीन एनर्जी की बड़ी छलांग: 2,178 करोड़ की मांग, 3305 मेगावाट सोलर परियोजनाओं से बदलेगी बिजली की तस्वीर

पटना, 14 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार में स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की…

शाम्हो की किस्मत बदलने की तैयारी! रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे से मिलेगा बेगूसराय का सीधा रास्ता, गंगा पर बनेगा मेगा पुल

बेगूसराय, 14 जुलाई (धरम कुमार) बेगूसराय जिले के शाम्हो दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए वर्षों पुराना सपना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top