नई दिल्ली, 22 अप्रैल (अशोक “अश्क”) राजधानी नई दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को काबू में करने के लिए अब सरकार ने बड़ा कदम उठा लिया है। वाहनों से निकलने वाले धुएं को प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण मानते हुए “नो PUC, नो फ्यूल” नियम को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है। अब बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगा।

जानकारी के मुताबिक दिल्ली में करीब 75 लाख वाहन हैं, जिनमें से लगभग 25 लाख के पास वैध PUC नहीं है। यही वजह है कि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना PUC वाले वाहनों को ईंधन न दिया जाए। गौरतलब है कि जुलाई 2025 में यह नियम लागू किया गया था, लेकिन शुरुआती कार्रवाई के बाद इसका पालन ढीला पड़ गया था।

अब एक बार फिर इसे कड़ाई से लागू करने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि दिल्ली के कुल प्रदूषण में करीब 40 प्रतिशत हिस्सा वाहनों का है, जिसे कम करना बेहद जरूरी है। Commission for Air Quality Management (CAQM) द्वारा लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) में भी इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत नियम तोड़ने वालों के खिलाफ वाहन जब्ती और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

साथ ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस को भी आदेश दिया गया है कि वे इस अभियान को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करें। सरकार का कहना है कि यदि यह नियम पूरी तरह लागू हो जाता है, तो राजधानी की हवा में बड़ा सुधार देखा जा सकता है। अब देखना होगा कि इस बार सख्ती कितनी असरदार साबित होती है।













