पटना, 29 अप्रैल (अविनाश कुमार) राजधानी दिल्ली में बिहार के खगड़िया निवासी मजदूर पांडव कुमार की गोली मारकर हत्या के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। घटना को लेकर जहां एक ओर संवेदना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, उन्होंने मृतक के परिजनों को कुल 8 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। इसमें श्रम संसाधन विभाग से 4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की है। यह वारदात दिल्ली के द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने पांडव कुमार को गोली मार दी। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बिहार की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पांडव कुमार की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि वह ‘बिहारी’ था।

उन्होंने कहा कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार है, फिर भी बिहारी सुरक्षित नहीं हैं। तेजस्वी के इस बयान पर लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से बिहार की छवि धूमिल होती है। चिराग ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष लगातार दूसरे राज्यों में जाकर बिहार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। इस घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। जहां सरकार राहत और कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने में जुटा है।













