पटना, 29 अप्रैल (पटना डेस्क) बिहार के भागलपुर जिले में मंगलवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई जब सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह दुस्साहसिक वारदात नगर परिषद कार्यालय परिसर में हुई, जहां बेखौफ अपराधियों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में नगर परिषद के सभापति राज कुमार उर्फ गुड्डू भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी योजना के तहत कार्यालय पहुंचे और कुछ ही मिनटों में घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।

दिनदहाड़े सरकारी परिसर में हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।घटना के कुछ ही घंटों के भीतर भागलपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, रामधनी यादव सुल्तानगंज नगर परिषद की उपसभापति के पति थे और इस हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा था। पुलिस ने दावा किया कि आरोपी को पकड़ने के दौरान उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी।

इस त्वरित कार्रवाई की पूरे राज्य में चर्चा हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि “सम्राट की पराक्रमी सेना के सामने सिकंदर महान ने भी घुटने टेक दिए थे, तेजस्वी यादव गैंग की क्या हैसियत। अब यह नया बिहार है, यहां गोली का जवाब तोप से दिया जाएगा।”वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतक अधिकारी के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्ण भूषण कुमार ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है और सरकार उनके परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि यह घटना बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी। राजद ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल साबित हो रही है।भागलपुर की इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है। अब देखना यह है कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है और प्रशासन अपराध पर लगाम कसने में कितना सफल हो पाता है।













