भोपाल, 22 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) देश के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) भोपाल ने तकनीकी आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए उन्नत और रिकन्डीशंड भारी मशीनों का सफलतापूर्वक लोकार्पण किया है। इस पहल को ‘मेक इन इंडिया’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यपालक निदेशक पी. के. उपाध्याय ने संयंत्र में अपग्रेडेड 2-एक्सिस सीएनसी वॉर्ड लेथ सिस्टम और रिकन्डीशंड वर्टिकल बोरर मशीन का उद्घाटन किया।

खास बात यह है कि इन मशीनों का पूरा अपग्रेडेशन इन-हाउस किया गया है, जिससे कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञता और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है।नई तकनीक से लैस इन मशीनों में आधुनिक CNC, PLC ड्राइव और मोटर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सटीकता, गति और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे जटिल और भारी विद्युत उपकरणों के निर्माण में तेजी आएगी और उत्पादन लागत में भी कमी होगी।

इस तकनीकी उन्नयन का सीधा फायदा ट्रैक्शन अल्टरनेटर के महत्वपूर्ण पुर्जों जैसे स्पाइडर, बैरल और स्टेटर फ्रेम के निर्माण में मिलेगा। ये पुर्जे TA7003DV और TA9901AZ जैसे उन्नत मॉडलों में उपयोग किए जाते हैं, जो रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।इस मौके पर वरिष्ठ अधिकारी आशीष औरंगाबादकर, राजेश अग्रवाल और आकाश दानी भी मौजूद रहे। सभी ने इस परियोजना को BHEL की उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक ताकत बढ़ाने वाला बड़ा कदम बताया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल घरेलू उद्योग को मजबूती देगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।













