पटना, 11 अक्टूबर (अविनाश कुमार) दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) पर रोक की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर शनिवार को पटना में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। संभावित मार्च और विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरे दिन हाई अलर्ट पर रहा। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।गांधी मैदान में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों ने मोर्चा संभाले रखा, जबकि जेपी गोलंबर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और बिहार पुलिस के जवान मुस्तैद रहे।

डाकबंगला चौराहे पर लोहे की शील्ड लगाकर बैरिकेडिंग की गयी थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया। करीब 11 थानों के थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ सुबह से शाम तक गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी करते रहे। प्रमुख मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी के कारण दिनभर सुरक्षा का माहौल बना रहा। प्रशासन की नजर संभावित भीड़ जुटने वाले स्थानों पर भी रही। पटना कॉलेज के पास तीन छात्र नेता हिरासत मेंइधर, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआइडीएसओ) की ओर से पटना कॉलेज के पास प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन से पहले पुलिस ने संगठन के तीन नेताओं को हिरासत में ले लिया। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में तीनों को बांड भरवाकर छोड़ दिया गया। वहीं, छात्र संगठन दिशा के सदस्यों ने भिखना पहाड़ी मोड़ पर पोस्टर-बैनर के साथ प्रदर्शन किया। सदस्यों ने एसआइआर, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर भी छात्र संगठनों ने नाराजगी जतायी। पटना में दिनभर सुरक्षा बलों की तैनाती और विरोध गतिविधियों के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा।













