नई दिल्ली, 11 अप्रैल (अशोक “अश्क”) अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच शांति वार्ता की कोशिशों को नया मोड़ देते हुए ईरान का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचा। इस डेलिगेशन की अगुआई ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं। आगमन के तुरंत बाद गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक तस्वीर साझा की, जिसमें विमान की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें, उनके साथ स्कूल बैग और फूल रखे दिखाई दिए।

यह तस्वीर जंग के दर्दनाक असर की प्रतीक बन गई है।दरअसल, ईरान के मिनाब शहर में 28 फरवरी को जंग के पहले ही दिन एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 168 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और स्कूल स्टाफ शामिल थे। इस हमले के लिए ईरान ने अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया था। इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। इसी पृष्ठभूमि में आज पाकिस्तान की राजधानी में अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें जेडी वेंस भी शामिल होंगे।

वैश्विक स्तर पर इस वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और दुनिया भर की निगाहें इस पर टिकी हैं। इस बीच, वार्ता से पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास सीमित विकल्प बचे हैं और वह समुद्री मार्गों पर दबाव बनाकर ही अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि वे इसलिए जीवित हैं ताकि बातचीत संभव हो सके।अब देखना होगा कि ईरान और अमेरिका के बीच यह वार्ता शांति का रास्ता खोलती है या तनाव को और गहरा करती है।


















