पटना, 28 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) पूर्वी बिहार की ‘सिल्क सिटी’ अब देश के नक्शे पर एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरने जा रही है। भागलपुर जल्द ही छह राष्ट्रीय राजमार्गों का संगम स्थल बनेगा, जिससे यहां चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। सड़कों के इस जाल से न सिर्फ जिले की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे। जानकारी के अनुसार, भागलपुर से होकर गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों में एनएच-80, एनएच-31, एनएच-133E, एनएच-131B, एनएच-333A (मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन) और प्रस्तावित बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे शामिल हैं।

इन सभी परियोजनाओं के पूरा होते ही भागलपुर देश के विभिन्न हिस्सों से सीधे सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि छहराहा जंक्शन बनने से शहर का बाजार दायरा तेजी से बढ़ेगा। इससे स्थानीय उद्योग, खासकर सिल्क कारोबार को नई पहचान मिलेगी और हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। केंद्र सरकार की ग्रीनफील्ड कॉरिडोर योजना के तहत कई सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। मुंगेर पुल से मिर्जाचौकी तक बनने वाला फोरलेन एनएच-333A के रूप में विकसित हो रहा है, जो झारखंड और पश्चिम बंगाल तक सीधी कनेक्टिविटी देगा।

वहीं विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहा नया फोरलेन पुल एनएच-131B के रूप में नवगछिया और भागलपुर को जोड़ेगा। इसके अलावा बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे, जिसकी लंबाई करीब 350 किलोमीटर होगी, राज्य का तीसरा बड़ा एक्सप्रेस-वे बनेगा। यह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेगा, जिससे उत्तर भारत तक सफर और आसान हो जाएगा।ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत कहलगांव से फारबिसगंज तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क और गंगा पर नया पुल भागलपुर को अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट जोगबनी से जोड़ेगा। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भागलपुर पूर्वी बिहार का पहला ऐसा जिला बन जाएगा, जहां एक साथ छह से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में जुड़ेंगे, जिससे विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।













