• Home
  • विशेष रिपोर्ट
  • चार बेटियों के सपनों को दी उड़ान, बड़ी बेटी बनी बीडीओ: डुमरांव की मधुबाला ने बीपीएससी में हासिल की 15वीं रैंक
Image

चार बेटियों के सपनों को दी उड़ान, बड़ी बेटी बनी बीडीओ: डुमरांव की मधुबाला ने बीपीएससी में हासिल की 15वीं रैंक

बक्सर, 21 जून (विक्रांत) बेटियां यदि अवसर और शिक्षा पाएं तो परिवार ही नहीं, पूरे समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। इसे सच साबित कर दिखाया है डुमरांव नगर की बेटी मधुबाला ने। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं एकीकृत संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल कर उन्होंने ग्रामीण विकास पदाधिकारी (बीडीओ) का प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया है। उनकी इस शानदार सफलता से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है, वहीं पूरे नगर और क्षेत्र में उनकी उपलब्धि की चर्चा हो रही है।

डुमरांव के राजगढ़ स्थित महादेव दत्त की गली निवासी कमलेश कुमार एवं सुमन देवी की चार बेटियों में सबसे बड़ी मधुबाला ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। उन्होंने कहा कि समाज के हर अभिभावक को अपनी बेटियों को अवश्य पढ़ाना चाहिए। एक शिक्षित बेटी दो परिवारों का भविष्य संवारने की क्षमता रखती है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने हर परिस्थिति में चारों बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और उनके सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

मधुबाला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उषारानी बालिका उच्च विद्यालय, डुमरांव से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने डी.के. कॉलेज, डुमरांव से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। स्नातक के बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बनने का लक्ष्य निर्धारित किया और सेल्फ स्टडी के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। उनकी लगन और आत्मविश्वास को देखते हुए पिता कमलेश कुमार, जो सिमरी प्रखंड में पीआरएस पद पर कार्यरत हैं, ने हर संभव सहयोग प्रदान किया। वर्ष 2024 में मधुबाला संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की मुख्य परीक्षा तक पहुंचने में सफल रहीं, लेकिन साक्षात्कार चरण में सफलता नहीं मिल सकी।

इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बिना समय गंवाए बीपीएससी की तैयारी में जुट गईं। पहली ही कोशिश में उन्होंने 15वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया।शनिवार देर शाम परिणाम घोषित होते ही उनके घर में जश्न का माहौल बन गया। शिक्षक अमित कुमार सिन्हा ने कहा कि मधुबाला की सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा है। वहीं पड़ोसी लालजी सिंह ने बताया कि परिवार की चारों बेटियां मेधावी हैं और शिक्षा के प्रति समर्पित हैं। मधुबाला की उपलब्धि ने डुमरांव का गौरव बढ़ा दिया है।

Releated Posts

नम आंखों से दी विदाई: सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक उमेश प्रसाद ईश्वर के एकादशा श्राद्ध में उमड़ा जनसैलाब, पूर्व विधायक ने बताया गरीबों का हमदर्द

समस्तीपुर, 10 अगस्त (मोहम्मद जमशेद) सरायरंजन प्रखंड के गुढ़मा गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक उमेश प्रसाद ईश्वर के एकादशा…

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा डुमरांव: सावन एकादशी पर महारुद्राभिषेक में उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्ति में डूबा पूरा नगर

बक्सर, 09 अगस्त (विक्रांत) सावन मास की पावन एकादशी पर डुमरांव नगर के निमेज टोला स्थित हनुमान मंदिर…

59 साल बाद बांकीपुर में इतिहास ने ली करवट: प्रशांत किशोर ने बीजेपी का अभेद्य किला ढहाया, दोहराई 1967 की कहानी

पटना, 05 अगस्त (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया…

हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा अजगैवीनाथ धाम, मालिनी अवस्थी के भजनों ने श्रावणी मेले में बांधा ऐसा समां कि रातभर झूमते रहे कांवरिये

पटना, 04 अगस्त (पटना डेस्क) विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के पावन अवसर पर अजगैवीनाथ धाम स्थित नमामि गंगे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top