बेगूसराय, 14 जुलाई (धरम कुमार) बेगूसराय जिले के शाम्हो दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए वर्षों पुराना सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। देश की महत्वाकांक्षी रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत गंगा नदी पर बनने वाले विशाल पुल के साथ शाम्हो के लिए अलग एप्रोच सड़क और पहुंच पथ का प्रस्ताव सामने आया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शाम्हो के लोगों को पहली बार बेगूसराय जिला मुख्यालय तक सीधी और सुगम सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है।परियोजना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। शाम्हो अंचल कार्यालय को पुल और प्रस्तावित एप्रोच सड़क की जद में आने वाली भूमि की प्रकृति संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पत्र प्राप्त हुआ है।

इसके बाद अंचल कार्यालय ने संबंधित गांवों की भूमि का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की दिशा में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी और गूगल अर्थ पर उपलब्ध प्रारंभिक परियोजना मानचित्र के अनुसार, एक्सप्रेस-वे बेगूसराय में एनएच-31 को भैरवार-सुरदासा ढाला के समीप पार करेगा। इसके बाद गंगा और क्यूल नदी पर लंबे पुल का निर्माण करते हुए यह सूर्यगढ़ा-मुंगेर मार्ग स्थित एनएच-80 को नदौरा और अवगिल गांवों के बीच जाकर जोड़ेगा। प्रारंभिक नक्शे में गंगा पुल के बीच से ही शाम्हो के लिए अलग एप्रोच सड़क प्रस्तावित है, जो अकहा-कुरहा गांव के पूर्वी हिस्से तक पहुंचेगी।

वहीं मटिहानी प्रखंड के नयागांव स्थित सार्वजनिक दुर्गा स्थान के पास भी एक एप्रोच रोड प्रस्तावित है, जिससे बांध मार्ग के जरिए सीधे बेगूसराय पहुंचना आसान हो जाएगा। करीब 719 किलोमीटर लंबे और लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2028 तक पूरा करना रखा गया है, हालांकि इसके विशाल स्वरूप को देखते हुए निर्माण अवधि बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी है। हालांकि गंगा पुल का अंतिम अलाइनमेंट बेगूसराय-बाया शाम्हो-सूर्यगढ़ा होगा या बेगूसराय से सीधे सूर्यगढ़ा के बीच, इसका अंतिम निर्णय भूमि अधिग्रहण और तकनीकी परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा। लंबे समय से उठ रही मटिहानी-शाम्हो पुल की मांग अब एक्सप्रेस-वे परियोजना का हिस्सा बन चुकी है, जिससे क्षेत्र के विकास और आवागमन में ऐतिहासिक बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है।













