नई दिल्ली, 01 अप्रैल (अशोक “अश्क”) वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देशवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने साफ किया है कि भारत के पास मौजूदा समय में इतना तरल ईंधन भंडार मौजूद है, जो 20 से 40 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

पीएनजीआरबी के सचिव अंजन कुमार मिश्रा ने ‘पीएचडीसीसीआई हाइड्रोकार्बन समिट 2026’ के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में फिलहाल ईंधन को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतना बड़ा भंडार बनाना संभव नहीं है जो कई महीनों तक चले। मिश्रा ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारत पर पड़ रहा है, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश ऊर्जा आपूर्ति के मामले में सुरक्षित स्थिति में है। दिलचस्प बात यह है कि भारत इस कठिन समय में सिर्फ अपनी जरूरतें ही पूरी नहीं कर रहा, बल्कि बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की भी मदद कर रहा है। यह भारत की ऊर्जा कूटनीति और मजबूत आपूर्ति प्रबंधन को दर्शाता है। आयात पर निर्भरता को लेकर उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ाना एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे तुरंत हासिल नहीं किया जा सकता। हालांकि, भारत ने अब तेल आयात के स्रोतों को विविध बनाया है और रूस, वेनेजुएला जैसे देशों से भी खरीद बढ़ाई है, जिससे जोखिम कम हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक संकट लंबा चलता है और कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर अस्थायी होगा। मिश्रा ने भी उम्मीद जताई कि हालात सामान्य होने पर कीमतें फिर से पहले के स्तर पर लौट आएंगी।
















