पटना, 09 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार में तंबाकू उत्पादों के खिलाफ सरकार ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। बिहार सरकार ने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला पर एक बार फिर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। यह आदेश 30 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है और अगले एक वर्ष तक लागू रहेगा। जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य में इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। यानी अब किसी भी रूप में गुटखा और पान मसाला का कारोबार गैरकानूनी माना जाएगा।

इस फैसले से राज्यभर में हड़कंप मच गया है, खासकर उन व्यापारियों के बीच जो इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त लोकेश कुमार सिंह ने साफ किया कि यह निर्णय आम लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। सरकार का मानना है कि तंबाकू युक्त उत्पाद कई गंभीर बीमारियों, खासकर कैंसर और हृदय रोग, का मुख्य कारण बनते हैं, इसलिए इन पर सख्त नियंत्रण जरूरी है। यह कार्रवाई Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत की गई है, जो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

इससे पहले भी बिहार में इस तरह का प्रतिबंध लागू किया जा चुका है, जिसकी अवधि अब बढ़ा दी गई है।सरकार के इस फैसले को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सराहा है और इसे जनहित में बड़ा कदम बताया है। वहीं, प्रशासन को उम्मीद है कि इस सख्ती से न केवल लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि अवैध तंबाकू कारोबार पर भी प्रभावी लगाम लगेगी।















