पटना, 24 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है, ताकि बच्चों को लू और गर्म हवाओं से बचाया जा सके।दक्षिण बिहार के जिलों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। कैमूर जिले में गुरुवार को अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है।

इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सुबह 11:30 बजे के बाद शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। अब स्कूल, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की छुट्टी 11:30 बजे कर दी जाएगी। यह आदेश कोचिंग संस्थानों पर भी लागू किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कैमूर समेत औरंगाबाद और रोहतास में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। राजधानी पटना में भी गर्मी का प्रकोप कम नहीं है। यहां जिला प्रशासन ने पहले ही स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव कर दिया है।

डीएम त्यागराजन एसएम के आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल अब सुबह 11:30 बजे तक ही संचालित होंगे। पटना में भी तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे अभिभावकों और बच्चों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक बना रहेगा। गया में 42.2 डिग्री और रोहतास में 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। साथ ही, आने वाले दिनों में पारा और चढ़ने की संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। फिलहाल, अगले एक हफ्ते तक गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

















