नालंदा, 05 मई (अविनाश पांडेय) जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) से जुड़े एक बड़े घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। व्हाट्सऐप ग्रुप में वायरल एक वीडियो ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी, जिसमें 10 टन खाद्यान्न का ऑनलाइन चालान तो काटा गया, लेकिन वाहन खाली ही गंतव्य तक पहुंच गया। मामले के सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और सिलाव गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को 29 अप्रैल को यह वीडियो प्राप्त हुआ। जांच में सामने आया कि सहायक प्रबंधक ब्यूटी कुमारी द्वारा “एकता शक्ति फाउंडेशन, सिलाव” के नाम पर 10,000 किलोग्राम (200 बोरा) का ऑनलाइन आरटी चालान जारी किया गया था।

यह चालान डोर स्टेप डिलीवरी एजेंट शिवानी कुमारी के जीपीएस और लोडसेल युक्त वाहन (BR09R-5084) के जरिए दिखाया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि वाहन मौके पर बिना अनाज के खाली पहुंचा। ऑनलाइन ट्रैकिंग और रिकॉर्ड की जांच में मामला संदिग्ध पाया गया। नियमों के मुताबिक, चालान जारी करने से पहले वाहन, मात्रा और बोरे की संख्या की मैनुअल एंट्री करनी होती है। ऐसे में “भूलवश चालान जारी होने” की दलील को अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। प्रथम दृष्टया यह मामला खाद्यान्न की कालाबाजारी और मिलीभगत की ओर इशारा करता है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 अप्रैल को सिलाव टीपीडीएस गोदाम को सील कर दिया। इसके बाद 1 मई को सिलाव थाना में कांड संख्या 85/26 के तहत सहायक प्रबंधक ब्यूटी कुमारी और परिवहन एजेंट शिवानी कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोदाम का सील तोड़कर इन्वेंट्री तैयार करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अंचलाधिकारी सिलाव को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि अपर जिला प्रबंधक पिंटू कुमार झा को सहयोग के लिए नामित किया गया है। साथ ही नई व्यवस्था के तहत सहायक प्रबंधक स्मिता कुमारी को गोदाम का प्रभार सौंपते हुए डीलरों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इस पूरे प्रकरण ने सरकारी अनाज वितरण प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, वहीं प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।













