समस्तीपुर, 29 अप्रैल (मोहम्मद जमशेद) अनुमंडलीय अस्पताल पुसा में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार ने अचानक औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और कर्मियों की उपस्थिति को लेकर कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं, जिससे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए।

एसडीओ ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति, शौचालयों की स्वच्छता और बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, ड्यूटी रोस्टर और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि दो चिकित्सक डॉ. सुरभि और डॉ. राजेश कुमार अस्पताल नहीं पहुंचे थे। बताया गया कि उनका वाहन खराब हो गया था।

वहीं, ऋषिकेश कुमार (काउंसलर), अजीत कुमार (ग्रेड-ए) और गीता कुमारी (एड्स काउंसलर) बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी से स्पष्टीकरण मांगा और कार्रवाई के निर्देश दिए।एसडीओ दिलीप कुमार ने अस्पताल में दवाओं के स्टॉक, जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता और इमरजेंसी सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता और उसकी कार्यप्रणाली की जांच करते हुए उन्होंने इसे दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हीट वेव (लू) से निपटने की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि लू से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं और समस्याओं की जानकारी ली। साथ ही ओपीडी/आईपीडी रजिस्टर, जन्म-मृत्यु अभिलेख सहित अन्य दस्तावेजों की भी जांच की गई।अंत में एसडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल की सभी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हों और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।














