बक्सर, 04 अक्टूबर (विक्रांत) विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ और मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम दोबारा शामिल करने की मांग को लेकर भाकपा-माले ने रविवार को डुमरांव में जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

प्रतिरोध मार्च भाकपा-माले कार्यालय से शुरू होकर डुमरांव मेन रोड बाजार, गोला रोड और शहीद पार्क होते हुए नया थाना डुमरांव के समीप पहुंचा। यहां मार्च सभा में तब्दील हो गया। नेतृत्व भाकपा-माले के बक्सर जिला सचिव और सेंट्रल कमिटी सदस्य नवीन कुमार ने किया। कार्यकर्ताओं ने “एसआईआर रद्द करो”, “हटाए गए मतदाताओं के नाम पुनः बहाल करो” और “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए।सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है।
किसी भी पात्र नागरिक को प्रशासनिक प्रक्रिया या त्रुटि के कारण मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईआर के दौरान हटाए गए पात्र मतदाताओं के नामों की निष्पक्ष समीक्षा कर तत्काल सूची में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और विश्वसनीयता पर जनता का भरोसा लोकतंत्र के लिए जरूरी है। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सरकार के साथ विपक्ष और अन्य संवैधानिक पक्षों की प्रभावी भागीदारी वाली पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग भी उन्होंने उठाई।

सभा को नवीन कुमार समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। संचालन धर्मेंद्र सिंह यादव और अध्यक्षता आरवाईए नेता राजदेव सिंह ने की। कार्यक्रम में ललन राम, कन्हैया पासवान, संजय शर्मा, संध्या पाल, पूजा यादव, मो. नासिर हसन समेत कई नेता मौजूद रहे। भाकपा-माले ने कहा कि मताधिकार पर हमला लोकतंत्र पर हमला है और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।














