‘
नई दिल्ली, 07 अप्रैल (अशोक “अश्क”) भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई देते हुए गुजरात की ड्रोन निर्माता कंपनी इनसाइडएफपीवी ने महज दो महीनों में 10 करोड़ रुपये का बड़ा रक्षा अनुबंध पूरा कर इतिहास रच दिया है। यह डील भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा आपातकालीन खरीद मार्ग (EPR) के तहत दी गई थी, जिसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। इस अनुबंध के तहत कंपनी ने अत्याधुनिक कामिकेज और एफपीवी (फर्स्ट पर्सन व्यू) ड्रोन की आपूर्ति की है, जो युद्ध के दौरान दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं।

खास बात यह है कि ये ड्रोन जीपीएस-रहित वातावरण और अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में भी काम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। अर्थ चौधरी, जो कंपनी के सीईओ हैं, ने कहा, “हमारे सिस्टम -35°C की कड़ाके की ठंड से लेकर 50°C की भीषण गर्मी तक हर परिस्थिति में काम करने के लिए बनाए गए हैं। सिर्फ दो महीनों में ऑर्डर पूरा करना हमारी क्षमता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” कंपनी का दावा है कि उसके ड्रोन देश के पहाड़ी, रेगिस्तानी और मैदानी सभी इलाकों में समान दक्षता से कार्य कर सकते हैं।

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब भारत तेजी से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम करने की रणनीति अपना रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए इनसाइडएफपीवी अब अपने उत्पादन को और विस्तार दे रही है। कंपनी जल्द ही 20,000 वर्ग फुट के नए विनिर्माण परिसर में शिफ्ट होने जा रही है, जिससे सैकड़ों से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा भारत की रक्षा खरीद नीति में बड़े बदलाव का संकेत है, जहां अब घरेलू कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनी इंटरसेप्टर ड्रोन, स्वार्म टेक्नोलॉजी और जीपीएस-रहित नेविगेशन जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से अनुसंधान कर रही है। यह सफलता न केवल भारत की सैन्य ताकत को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में देश की पकड़ भी मजबूत करने का संकेत दे रही है।
















