• Home
  • राज्य समाचार
  • आईपीएस फेरबदल का बड़ा खेल, केंद्र से वापसी और नई तैनाती से झारखंड पुलिस में मचेगी हलचल
Image

आईपीएस फेरबदल का बड़ा खेल, केंद्र से वापसी और नई तैनाती से झारखंड पुलिस में मचेगी हलचल

राँची, 09 अप्रैल (मोहन शर्मा) झारखंड कैडर में इस साल आईपीएस अधिकारियों का बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। कई अधिकारी जहां केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी में हैं, वहीं कई वरिष्ठ अधिकारियों की राज्य में वापसी तय मानी जा रही है। इस संभावित बदलाव से प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में नई रणनीति के संकेत मिल रहे हैं। 2002 बैच के आईपीएस अधिकारी साकेत कुमार सिंह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और सीआरपीएफ में आईजी के पद पर तैनात हैं।

उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका था, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके अनुभव को देखते हुए इसे दो साल के लिए बढ़ा दिया है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ और झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों को बड़ी सफलता मिली है। वहीं, 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश बंसल की झारखंड वापसी तय हो गई है। वे फिलहाल कैबिनेट सचिवालय में निदेशक पद पर कार्यरत हैं और राज्य में आईजी रैंक पर योगदान देंगे। इसके अलावा, आशीष बत्रा, अनूप टी मैथ्यू, जया राय और हरिलाल चौहान जैसे अधिकारियों का केंद्रीय कार्यकाल भी इस वर्ष पूरा हो रहा है।

इनकी भी झारखंड वापसी की संभावना है, जिससे पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर पुनर्गठन हो सकता है। दूसरी ओर, राज्य में कार्यरत कुछ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के इच्छुक हैं। इनमें ए विजयलक्ष्मी, सुरेंद्र कुमार झा, चंदन कुमार झा और अंजनी कुमार झा शामिल हैं। इस व्यापक बदलाव से झारखंड पुलिस की कार्यशैली, नेतृत्व और रणनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में यह फेरबदल राज्य की कानून-व्यवस्था पर क्या असर डालेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Releated Posts

लखनऊ से चिराग का सियासी धमाका: 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, मिशन-2027 का किया शंखनाद

पटना, 06 जुलाई (पटना डेस्क) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने…

झारखंड में 8 लाख राशन कार्ड पर लटक गई तलवार, सरकार की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

रांची, 23 जून (मोहन शर्मा) झारखंड में लाखों राशन कार्डधारियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने…

वन भूमि के पेंच में फंसा असुरन-पिपराइच फोरलेन: खजनी में जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज, समय पर पूरा होना मुश्किल

गोरखपुर, 20 जून (अंकित यादव) बहुप्रतीक्षित असुरन-पिपराइच फोरलेन परियोजना वन भूमि और अधिग्रहण संबंधी अड़चनों में उलझती नजर…

खामोश हुआ मांड का सुरमयी स्वर: लोकगायिका गवरी देवी का 98 वर्ष की उम्र में निधन, कला जगत में शोक की लहर

पटना, 12 जून (पटना डेस्क) राजस्थान की लोकसंस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध ‘मांड’ गायिका…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top