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आंगनबाड़ी के नौनिहालों ने देखी स्कूल की दुनिया, पहली कक्षा में कदम रखने की झिझक होगी दूर

बक्सर, 10 सितम्बर (विक्रांत) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के उद्देश्यों के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित 5 से 6 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक विद्यालय के वातावरण से परिचित कराने के लिए मंगलवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम आयोजित किया गया। पहल का उद्देश्य नौनिहालों के आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय में सहज संक्रमण को सुनिश्चित करना है।कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालयों का भ्रमण कराया गया। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं बच्चों के साथ विद्यालय पहुंचीं तथा उन्हें स्कूल के माहौल से सहज रूप से परिचित कराया।

विद्यालय पहुंचते ही बच्चों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।भ्रमण के दौरान बच्चों को विद्यालय परिसर, कक्षा-कक्ष, शिक्षण-अधिगम सामग्री, पुस्तकालय, खेल गतिविधियों सहित उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई। बच्चों ने कक्षाओं और विद्यालय परिसर को करीब से देखा। इसके साथ ही उनकी आयु एवं सीखने के स्तर के अनुरूप खेल आधारित तथा गतिविधि आधारित शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने के लिए प्रेरित किया।

साथ ही अभिभावकों के बीच भी विद्यालय के प्रति सकारात्मक भावना विकसित करने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश के दौरान बच्चों के मन में पैदा होने वाली झिझक और संकोच को दूर करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में आंगनबाड़ी केंद्रों और निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालयों के बीच नियमित शैक्षणिक समन्वय एवं जुड़ाव स्थापित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय की कक्षा-1 के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा सप्ताह में कम से कम एक दिन आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों के साथ आयु एवं स्तर के अनुरूप खेल तथा गतिविधि आधारित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने की व्यवस्था भी की जा रही है।जिला प्रशासन की इस पहल का लक्ष्य बच्चों के लिए आंगनबाड़ी से विद्यालय तक की यात्रा को सहज, आनंददायक और सीखने से भरपूर बनाना है, ताकि हर बच्चा पहली कक्षा में आत्मविश्वास के साथ कदम रख सके।

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