नई दिल्ली, 03 मई (अशोक “अश्क”) देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम देखने को मिले। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पूरे देश में परीक्षा केंद्रों की AI आधारित कैमरों और सीसीटीवी के जरिए लाइव मॉनीटरिंग कर किसी भी गड़बड़ी की संभावना को लगभग खत्म कर दिया। बिहार समेत कई जिलों के केंद्रों पर कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी गई, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।एनटीए अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी गई।

फर्जी पेपर और अफवाह फैलाने वाले 65 से अधिक टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक कर बड़ा एक्शन लिया गया। देशभर में 551 शहरों में 5432 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां परीक्षा संचालन के लिए 674 सिटी को-ऑर्डिनेटर, 6000 से अधिक ऑब्जर्वर और करीब दो लाख कर्मियों की तैनाती की गई।इस बार मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए जीपीएस युक्त वाहन और पुलिस एस्कॉर्ट का इस्तेमाल किया गया। सभी केंद्रों पर हाई सेंसिटिव मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश मिला। खास बात यह रही कि पहली बार आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन लागू किया गया, जिससे फर्जी अभ्यर्थियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

इधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को एनटीए मुख्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने परीक्षा संचालन, लॉजिस्टिक्स और मॉनीटरिंग सिस्टम की गहन समीक्षा की। मंत्री ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि पारदर्शिता और निष्पक्षता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कड़ी निगरानी और हाईटेक इंतजामों के बीच आयोजित इस परीक्षा ने नकल माफियाओं के मंसूबों पर बड़ा प्रहार किया है।

















