पटना, 09 अक्टूबर (पटना डेस्क) सुपौल जिले में विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार और लंबित कार्यों को लेकर जिलाधिकारी सावन कुमार ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।बैठक में जिले में चल रही विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण की प्रगति का जायजा लिया गया। वहीं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत निर्धारित स्वच्छता लक्ष्यों को समय पर हासिल करने को कहा गया।

पंचायत सरकार भवन निर्माण में तेजी लाने के साथ विभिन्न पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा हुई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचे।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही और कार्यों में देरी को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें और योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं। बैठक में उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विकास कुमार, निदेशक लेखा प्रशासन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और कार्यक्रम पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।













