
बक्सर, 08 अक्टूबर (विक्रांत) शोध के क्षेत्र में बिहार समेत देश का नाम रोशन करते हुए डॉ. अरुण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। Scholarly Index की ओर से 2026 के लिए जारी ‘Top1000 Scholar 2026’ रैंकिंग में उन्हें तीन महत्वपूर्ण शोध क्षेत्रों में स्थान मिला है। यह रैंकिंग 2021 से 2025 तक के रिसर्च इम्पैक्ट विंडो के आधार पर तैयार की गई है।डॉ. अरुण ने बताया कि ‘आर्सेनिक कंटैमिनेशन एंड मिटिगेशन’ सब-फील्ड में उन्हें विश्व स्तर पर 92वां और भारत में छठा स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं ‘हेवी मेटल एक्सपोजर एंड टॉक्सिसिटी’ में उन्होंने वैश्विक स्तर पर 120वीं तथा भारत में चौथी रैंक हासिल की है।

इसके अलावा ‘औषधीय पौधों के फार्माकोलॉजिकल इफेक्ट्स’ क्षेत्र में उन्हें दुनिया में 458वां और भारत में 83वां स्थान मिला है। Scholarly Index एक शोध-रैंकिंग प्लेटफॉर्म है। इसके 2026 संस्करण में 23 लाख से अधिक स्कॉलर प्रोफाइल शामिल हैं। ये प्रोफाइल 20 प्रमुख डिसिप्लिन, 305 सब-फील्ड और 4516 रिसर्च टॉपिक को कवर करते हैं। ऐसे में तीन अलग-अलग शोध क्षेत्रों में डॉ. अरुण की रैंकिंग को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।अपनी सफलता पर डॉ. अरुण ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि अकेले उनकी नहीं, बल्कि उनके शिक्षकों, साथियों, सहयोगियों, विद्यार्थियों, सह-लेखकों और संस्थान के सामूहिक सहयोग का परिणाम है।

उन्होंने डॉ. बिस्वजीत सान्याल, डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. अशोक घोष, डॉ. विनीता त्रिवेदी और डॉ. सी. खंडेलवाल समेत सभी मेंटर्स के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सदस्यों को भी देते हुए उनके सहयोग, दुआओं और प्यार के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. अरुण की इस उपलब्धि से शिक्षा और शोध जगत में उत्साह का माहौल है।














