पटना, 02 अक्टूबर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने सांस्कृतिक समिति के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया गया। साथ ही भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुआ। वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में गांधीजी के योगदान को रेखांकित करते हुए असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज भी समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रासंगिक हैं।

विद्यार्थियों से सत्यनिष्ठा, अनुशासन, सहिष्णुता, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया। लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. एम. के. हक, निदेशक अनुसंधान-सह-अधिष्ठाता स्नातकोत्तर शिक्षा डॉ. संजय कुमार, डॉ. एम. के. वाधवानी, डॉ. रवि केशरी, डॉ. शंभु प्रसाद और NSS समन्वयक डॉ. सुभोर्ना रॉय चौधरी सहित कई अधिकारी, वैज्ञानिक और शिक्षक मौजूद रहे।

बिहार कृषि महाविद्यालय, कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय और कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय के 100 से अधिक विद्यार्थियों एवं NSS स्वयंसेवकों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने व्याख्यान, विचार-विमर्श, कविता-पाठ, गीत और संवादात्मक सत्रों के जरिए गांधीजी के आदर्शों, नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी को सामने रखा।













