
बक्सर, 23 सितम्बर (विक्रांत) रेल यात्रियों और रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्व मध्य रेल ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, रेल कॉलोनियों और कार्यालय परिसरों में पेयजल व्यवस्था की सघन जांच की जा रही है। पानी की टंकियों से लेकर वाटर कूलर, वाटर टैप, वाटर फिल्टर और पाइप लाइनों तक की नियमित जांच एवं रखरखाव पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पूर्व मध्य रेल के स्वास्थ्य निरीक्षकों की टीम पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर परीक्षण कर रही है। जांच के दौरान अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संवर्धन परीक्षण और रासायनिक परीक्षण किए जा रहे हैं।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों और रेलकर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। अभियान के दौरान जहां भी पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित प्रतिकूल परिणाम सामने आ रहे हैं, वहां तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है। संबंधित जलस्रोतों और पेयजल व्यवस्था की खामियों को दूर करने के साथ उनकी निगरानी भी की जा रही है। रेल प्रशासन का कहना है कि पेयजल की गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

विशेष अभियान पूर्व मध्य रेल के पांचों मंडलों के सभी रेलवे स्टेशनों, रेल कॉलोनियों और कार्यालयों में स्थित पेयजल स्थलों पर चलाया जा रहा है। जांच और सुधार की प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक संबंधित पेयजल व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कर लिया जाता। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और परीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके। रेल प्रशासन ने यात्रियों और रेलकर्मियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पेयजल व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
















